Himachal Rain: किन्नौर में फटा बादल, भूस्खलन से किरतपुर-मनाली फोरलेन बंद; इन जिलों के स्कूल आज बंद
प्रदेश में मानसून की बारिश का कहर लगातार जारी है। लगातार जारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन, बाढ़ से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश का कहर लगातार जारी है। लगातार जारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन, बाढ़ से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जनजातीय जिले किन्नौर के लिप्पा में शुक्रवार सुबह बादल फटने के कारण व्यापक नुकसान की सूचना है। बादल फटने से आई बाढ़ में बगीचे बह गए। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम माैके के लिए रवाना हुई। बादल फटने के बाद दो लोग भी लापता थे लेकिन बाद में दोनों सुरक्षित मिल गए हैं।
किरतपुर-मनाली फोरलेन बंद
उधर, किरतपुर-मनाली फोरलेन शुक्रवार सुबह से पूरी तरह से बंद है। बीती रात से लगातार हो रही बारिश और कैंची मोड़ व बनाला क्षेत्र में भारी भूस्खलन के कारण रास्ता खोलने का कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। कैंची मोड़ पर फोरलेन का बड़ा हिस्सा पूरी तरह धंस गया है और वहां अब और भी मलबा और भारी पत्थर गिर चुके हैं। गुरुवार शाम को प्रशासन ने कुछ राहत देते हुए शाम 6:00 बजे तक बनाला और कैंची मोड़ को वनवे खोलकर कुल्लू की ओर से छोटे वाहनों को निकाला था। लेकिन कुछ ही देर बाद रात 8:00 बजे दोनों ही स्थानों पर दोबारा भारी पत्थर गिरने लगे। सुरक्षा कारणों के चलते प्रशासन ने तुरंत दोनों रास्तों को बंद कर दिया।
आज इन जिलों में स्कूल बंद
जिला सिरमौर में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने आज सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं कुल्लू जिला के मनाली उपमंडल में भी आज सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। जबकि कुल्लू उपमंडल में नाै स्कूल बंद हैं। उपायुक्त कुल्लू ने इसकी अधिसूचना जारी की है। चंबा जिले में भी शिक्षण संस्थान आज बंद हैं।
भरमौर-पठानकोट हाईवे रजेरा तक बहाल, मणिमहेश यात्रा का रास्ता हुआ खतरनाक
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य आज चंबा दाैरे पर रहेंगे और आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेंगे। भरमौर-पठानकोट हाईवे रजेरा तक बहाल हो गया है। आपदा के पांचवें दिन जिला मुख्यालय तक हुआ हाईवे बहाल होने से बड़ी राहत मिली है। वहीं मणिमहेश श्रद्धालुओं को पठानकोट तक पहुंचाने के लिए एचआरटीसी की 10 बसें जगह-जगह खड़ी हैं। वहीं मणिमहेश यात्रा का रास्ता खतरनाक हो गया है। रास्ते में जगह-जगह माैजूद नाले उफान पर हैं। मोबाइल सेवाएं बहाल होने के बाद अब तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
नौ मणिमहेश यात्री अभी लापता
भारी बारिश-भूस्खलन से तबाही के बीच 24 से 27 अगस्त तक सात मणिमहेश यात्रियों की मौत हो गई है। हड़सर से ऊपर भूस्खलन होने से जानें गई हैं। आठ श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जबकि नौ अभी भी लापता हैं। मणिमहेश यात्रा पर गए करीब 8,000 श्रद्धालु अभी भी रास्ते में फंसे हैं। प्रशासन ने 3,457 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। भरमौर से आगे का संपर्क पूरी तरह कट गया है। हालात खराब हैं। रास्ते में फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
पहाड़ी से गिरे मलबे की चपेट में आई सब्जी से भरी पिकअप
सोलन-जौनाजी मार्ग पर दामकड़ी के समीप पहाड़ी से मलबा गिर गया। इसकी चपेट में सब्जी मंडी के लिए सब्जी लेकर जा रही एक पिकअप आ गई। हालांकि, इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। मलबा गिरने के कारण पिकअप सड़क से बाहर निकल गई। इसके बाद रस्सी से बांधकर पिकअप को खाई में गिरने से रोका गया। इस मार्ग पर कई जगह मलबा गिरा है।
कई भागों में 4 सितंबर तक जारी रहेगा का बारिश का दाैर
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से राज्य के कई भागों में 4 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। 29 अगस्त से 2 सितंबर तक कुछ स्थानों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बीती रात को जटोन बैराज में 138.0, पालमपुर 91.4, संधोल 77.8 , पांवटा साहिब 75.0, कसौली 62.0, नाहन 60.8, सोलन 57.8, गोहर 55.6, बिलासपुर 50.4, मुरारी देवी 48.4, नगरोटा सूरियां 48.2 व काहू में 45.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।